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सुनन नसाई

नंबर 3249

नंबर 3249किताब 26, नंबर 54
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنِي مَرْحُومُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ الْعَطَّارُ أَبُو عَبْدِ الصَّمَدِ، قَالَ سَمِعْتُ ثَابِتًا الْبُنَانِيَّ، يَقُولُ كُنْتُ عِنْدَ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ وَعِنْدَهُ ابْنَةٌ لَهُ فَقَالَ جَاءَتِ امْرَأَةٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَعَرَضَتْ عَلَيْهِ نَفْسَهَا فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَكَ فِيَّ حَاجَةٌ
Thabit Al-Bunani said:"I was with Anas bin Malik and a daughter of his was with him. He said: 'A woman came to the Messenger of Allah and offered herself in marriage to him. She said: O Messenger of Allah, do you want to marry me?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।