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सुनन नसाई

नंबर 3220

नंबर 3220किताब 26, नंबर 25
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، - وَهُوَ ابْنُ حَبِيبٍ - عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ لَقِيَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏"‏ يَا جَابِرُ هَلْ أَصَبْتَ امْرَأَةً بَعْدِي ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ نَعَمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ أَبِكْرًا أَمْ أَيِّمًا ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ أَيِّمًا ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَهَلاَّ بِكْرًا تُلاَعِبُكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir:It was narrated that Jabir said: "The Messenger of Allah met me and said: 'O Jabir, have you got married to a woman since I last saw you?' I said: 'Yes, O Messenger of Allah.' He said: 'To a virgin or to a previously-married woman?' I said: 'To a previously-married woman.' He said: 'Why not a virgin, so she could play with you?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।