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सुनन नसाई

नंबर 3219

नंबर 3219किताब 26, नंबर 24
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ تَزَوَّجْتُ فَأَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏"‏ أَتَزَوَّجْتَ يَا جَابِرُ ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ نَعَمْ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ بِكْرًا أَمْ ثَيِّبًا ‏"‏ ‏.‏ فَقُلْتُ ثَيِّبًا ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَهَلاَّ بِكْرًا تُلاَعِبُهَا وَتُلاَعِبُكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir:It was narrated that Jabir said: "I got married then I came to the Prophet and he said: 'Have you got married, O Jabir?' I said: 'Yes.' He said: 'To a virgin or to a previously married woman?' I said: 'To a previously married woman.' He said: 'Why not a virgin, so you could play with her and she could play with you?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।