सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3186

नंबर 3186किताब 25, नंबर 102
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي النَّضْرِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو النَّضْرِ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ الأَشْجَعِيُّ، عَنْ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ، عَنِ الرُّكَيْنِ الْفَزَارِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ يُسَيْرِ بْنِ عَمِيلَةَ، عَنْ خُرَيْمِ بْنِ فَاتِكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَنْفَقَ نَفَقَةً فِي سَبِيلِ اللَّهِ كُتِبَتْ لَهُ بِسَبْعِمِائَةِ ضِعْفٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Khuraim bin Fatik said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Whoever spends in the cause of Allah, it will be recorded for him seven hundred fold
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।