सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3170

नंबर 3170किताब 25, नंबर 86
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مَعْنٍ، قَالَ حَدَّثَنَا زَهْرَةُ بْنُ مَعْبَدِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، مَوْلَى عُثْمَانَ قَالَ قَالَ عُثْمَانُ بْنُ عَفَّانَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ يَوْمٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ خَيْرٌ مِنْ أَلْفِ يَوْمٍ فِيمَا سِوَاهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Salih, the freed slace of 'Uthman, said:"uthman bin 'Affan said: 'I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: A day in the cause of Allah is better than a thousand days doing anything else
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।