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सुनन नसाई

नंबर 3169

नंबर 3169किताब 25, नंबर 85
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ زَهْرَةَ بْنِ مَعْبَدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو صَالِحٍ، مَوْلَى عُثْمَانَ قَالَ سَمِعْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ، رضى الله عنه يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ رِبَاطُ يَوْمٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ خَيْرٌ مِنْ أَلْفِ يَوْمٍ فِيمَا سِوَاهُ مِنَ الْمَنَازِلِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Zurah bin Ma'bad:"Abu Salih, the freed slave of 'Uthman, said: 'I heard 'Uthman bin 'Affan say: I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Ribat (guarding the frontier) for one day in the cause of Allah is better in rank than a thousand days spent within the residence
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।