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सुनन नसाई

नंबर 3162

नंबर 3162किताब 25, नंबर 78
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ شُرَيْحٍ، أَنَّ سَهْلَ بْنَ أَبِي أُمَامَةَ بْنِ سَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ، حَدَّثَهُ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ سَأَلَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ الشَّهَادَةَ بِصِدْقٍ بَلَّغَهُ اللَّهُ مَنَازِلَ الشُّهَدَاءِ وَإِنْ مَاتَ عَلَى فِرَاشِهِ ‏"‏ ‏.‏
Sahl bin Abi Umamah bin Sahl bin Hunaif narrated from his father, from his grandfather, that the Messenger of Allah (ﷺ) said:"Whoever asks Allah, the mighty and Sublime, sincerely for martyrdom, Allah will cause him to reach the status of the martyrs even of he dies in his bed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।