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सुनन नसाई

नंबर 3147

नंबर 3147किताब 25, नंबर 63
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُكْلَمُ أَحَدٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ - وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَنْ يُكْلَمُ فِي سَبِيلِهِ - إِلاَّ جَاءَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَجُرْحُهُ يَثْعَبُ دَمًا اللَّوْنُ لَوْنُ دَمٍ وَالرِّيحُ رِيحُ الْمِسْكِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:"No one is wounded in the cause of Allah - and Allah knows best who is wounded in His cause - but he will come on the Day of Resurrection with his wounds bleeding the color of blood, but with the fragrance of musk
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।