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सुनन नसाई

नंबर 3127

नंबर 3127किताब 25, नंबर 43
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَثَلُ الْمُجَاهِدِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ - وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَنْ يُجَاهِدُ فِي سَبِيلِهِ - كَمَثَلِ الصَّائِمِ الْقَائِمِ الْخَاشِعِ الرَّاكِعِ السَّاجِدِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: 'The parable of a Mujahid who strives in the cause of Allah - and Allah knows best who in His cause - is that of one who fasts, prays Qiyam, focuses with proper humility, bows and prostrates
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।