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सुनन नसाई

नंबर 3108

नंबर 3108किताब 25, नंबर 24
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنِ الْمَسْعُودِيِّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عِيسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَلِجُ النَّارَ رَجُلٌ بَكَى مِنْ خَشْيَةِ اللَّهِ تَعَالَى حَتَّى يَعُودَ اللَّبَنُ فِي الضَّرْعِ وَلاَ يَجْتَمِعُ غُبَارٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَدُخَانُ نَارِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:"No man will enter the Fire who weeps for fear of Allah, Most High, until the milk goes back into the udders. And the dust (of Jihad) in the cause of Allah, and the smoke of Hell will never be combined
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।