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सुनन नसाई

नंबर 3107

नंबर 3107किताब 25, नंबर 23
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ عَوْنٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عِيسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ لاَ يَبْكِي أَحَدٌ مِنْ خَشْيَةِ اللَّهِ فَتَطْعَمَهُ النَّارُ حَتَّى يُرَدَّ اللَّبَنُ فِي الضَّرْعِ وَلاَ يَجْتَمِعُ غُبَارٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَدُخَانُ جَهَنَّمَ فِي مَنْخَرَىْ مُسْلِمٍ أَبَدًا ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"No man who weeps for fear of Allah will be touched by the Fire until the milk goes back into the udders. And the dust (of Jihad) in the cause of Allah and the smoke of Hell, will never be combined in the nostrils of a Muslim
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।