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सुनन नसाई

नंबर 3097

नंबर 3097किताब 25, नंबर 13
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، قَالَ أَنْبَأَنَا وُهَيْبٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْوَرْدِ - قَالَ أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ سُمَىٍّ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ مَاتَ وَلَمْ يَغْزُ وَلَمْ يُحَدِّثْ نَفْسَهُ بِغَزْوٍ مَاتَ عَلَى شُعْبَةِ نِفَاقٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:"Whoever dies without having fought or thought of fighting, he dies on one of the branches of hypocrisy
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।