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सुनन नसाई

नंबर 3096

नंबर 3096किताब 25, नंबर 12
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، وَمُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، قَالَ أَنْبَأَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ جَاهِدُوا الْمُشْرِكِينَ بِأَمْوَالِكُمْ وَأَيْدِيكُمْ وَأَلْسِنَتِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet (ﷺ) said:"Strive against the idolators with your wealth, your hands and your tongues." [1] [1] Its chain has defects while its meaning is supported by other chains
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।