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सुनन नसाई

नंबर 3080

नंबर 3080किताब 24, नंबर 463
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنْ أَبِي الأَحْوَصِ، عَنْ خُصَيْفٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ الْفَضْلُ بْنُ عَبَّاسٍ كُنْتُ رِدْفَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَمَا زِلْتُ أَسْمَعُهُ يُلَبِّي حَتَّى رَمَى جَمْرَةَ الْعَقَبَةِ فَلَمَّا رَمَى قَطَعَ التَّلْبِيَةَ ‏.‏
Al-Fadl bin 'Abbas said:"I was riding behind the Messenger of Allah and he continued to hear him reciting the Talbiyah until he stoned Jamratul 'Aqabah, then when he soned (the Jamrah) he stopped reciting the Talbiyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।