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सुनन नसाई

नंबर 2980

नंबर 2980किताब 24, नंबर 363
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ بُدَيْلٍ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ حَكِيمٍ، عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ، عَنِ امْرَأَةٍ، قَالَتْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْعَى فِي بَطْنِ الْمَسِيلِ وَيَقُولُ ‏ "‏ لاَ يُقْطَعُ الْوَادِي إِلاَّ شَدًّا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Safiyyah bint Shaimah that a woman said:I saw the Messenger of Allah hastening at the bottom of the valley and he said: "The river bed should not be crossed except with vigor." (Sahih) Chpater 178. The Place Where One Should Walk
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।