सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2936

नंबर 2936किताब 24, नंबर 319
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنْ سُوَيْدِ بْنِ غَفَلَةَ، أَنَّ عُمَرَ، قَبَّلَ الْحَجَرَ وَالْتَزَمَهُ وَقَالَ رَأَيْتُ أَبَا الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم بِكَ حَفِيًّا ‏.‏
It was narrated from Suwaid bin Ghafalah that Umar kissed the Black Stone and touched it, and said:"I saw Abdu Al-Qasim paying attention to you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।