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सुनन नसाई

नंबर 2917

नंबर 2917किताब 24, नंबर 300
أَخْبَرَنَا أَبُو عَاصِمٍ، خُشَيْشُ بْنُ أَصْرَمَ النَّسَائِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ أَخْبَرَنِي أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ الْبَيْتَ فَدَعَا فِي نَوَاحِيهِ كُلِّهَا وَلَمْ يُصَلِّ فِيهِ حَتَّى خَرَجَ مِنْهُ فَلَمَّا خَرَجَ رَكَعَ رَكْعَتَيْنِ فِي قُبُلِ الْكَعْبَةِ ‏.‏
It was narrated that Ata said:"I head Ibn Abbas sya: 'Usmah bin Zaid told me that the Prophet entered the YHouse, and supplicated in all its corner, but he did not pray inside unitl he came out; when he came out he prayed two Rakahs in front of the Kabah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।