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सुनन नसाई

नंबर 2916

नंबर 2916किताब 24, नंबर 299
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ أُسَامَةَ، قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْبَيْتِ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ فِي قُبُلِ الْكَعْبَةِ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ هَذِهِ الْقِبْلَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Usmah said:"The Messenger of Allah came out of the House and prayed two Rakahs in front of the Kabah, then he said: 'This is the Qiblah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।