सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2888

नंबर 2888किताब 24, नंबर 271
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، أَنَّ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَمْسٌ مِنَ الدَّوَابِّ كُلُّهَا فَاسِقٌ يُقْتَلْنَ فِي الْحَرَمِ الْغُرَابُ وَالْحِدَأَةُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ وَالْفَأْرَةُ وَالْعَقْرَبُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Urwah that Aishah said:"The Messenger of Allah said: "There are five animals all of which are vermin and may be killed inside the sanctuary: Crow, kites, vicious dogs, mice and scorpions
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।