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सुनन नसाई

नंबर 2887

नंबर 2887किताब 24, नंबर 270
أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ خَالِدٍ الرَّقِّيُّ الْقَطَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبَانُ بْنُ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ عُرْوَةَ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَائِشَةَ قَالَتْ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَمْسٌ مِنَ الدَّوَابِّ كُلُّهُنَّ فَاسِقٌ يُقْتَلْنَ فِي الْحِلِّ وَالْحَرَمِ الْكَلْبُ الْعَقُورُ وَالْغُرَابُ وَالْحِدَأَةُ وَالْعَقْرَبُ وَالْفَأْرَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Aishah said:"The Prophet said: "There are five animals all of which are vermin, and may killed outside and inside the sanctuary: Vicious dogs, crows, kites, scorpions and mice
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।