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सुनन नसाई

नंबर 2878

नंबर 2878किताब 24, नंबर 261
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِدْرِيسَ أَبُو حَاتِمٍ الرَّازِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مِسْعَرٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي طَلْحَةُ بْنُ مُصَرِّفٍ، عَنْ أَبِي مُسْلِمٍ الأَغَرِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَنْتَهِي الْبُعُوثُ عَنْ غَزْوِ هَذَا الْبَيْتِ حَتَّى يُخْسَفَ بِجَيْشٍ مِنْهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet said:"Troops will not cease to attack this House until an army of them are swallowed up by the earth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।