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सुनन नसाई

नंबर 2867

नंबर 2867किताब 24, नंबर 250
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ مَكَّةَ وَعَلَيْهِ الْمِغْفَرُ فَقِيلَ ابْنُ خَطَلٍ مُتَعَلِّقٌ بِأَسْتَارِ الْكَعْبَةِ ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ اقْتُلُوهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ansas that the Prophet entered Makkah wearing a helmet. It was said that Ibn Katal was haging on to the drapes of the Kabah and he said:"Kill him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।