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सुनन नसाई

नंबर 2866

नंबर 2866किताब 24, नंबर 249
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَمَّارٍ الدُّهْنِيِّ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، رضى الله عنه أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ مَكَّةَ وَلِوَاؤُهُ أَبْيَضُ ‏.‏
It was narrated from Jabir that:the Prophet enter Makkah and his standard was white
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।