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सुनन नसाई

नंबर 2760

नंबर 2760किताब 24, नंबर 142
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، وَابْنِ، جُرَيْجٍ وَابْنِ إِسْحَاقَ وَمَالِكِ بْنِ أَنَسٍ عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ بْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ قُلْتُ لاِبْنِ عُمَرَ رَأَيْتُكَ تُهِلُّ إِذَا اسْتَوَتْ بِكَ نَاقَتُكَ ‏.‏ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُهِلُّ إِذَا اسْتَوَتْ بِهِ نَاقَتُهُ وَانْبَعَثَتْ ‏.‏
It was narrated that 'Ubaid bin Jraij said:"I said to Ibn 'Umar: 'I saw you begin the Talbiyah when your she-camel stood up with you. He said: "The Messenger of Allah used to begin the Talbiyah when his she-camel stood up with him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।