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सुनन नसाई

नंबर 2759

नंबर 2759किताब 24, नंबर 141
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ يَزِيدَ، قَالَ أَنْبَأَنَا شُعَيْبٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي صَالِحُ بْنُ كَيْسَانَ، ح وَأَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ يَعْنِي ابْنَ يُوسُفَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ كَانَ يُخْبِرُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَهَلَّ حِينَ اسْتَوَتْ بِهِ رَاحِلَتُهُ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar:That he used to narrate that the Prophet began the Talbiyah when his mount stood up with him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।