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सुनन नसाई

नंबर 2701

नंबर 2701किताब 24, नंबर 83
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كُنْتُ أُطَيِّبُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِأَطْيَبِ مَا كُنْتُ أَجِدُ مِنَ الطِّيبِ حَتَّى أَرَى وَبِيصَ الطِّيبِ فِي رَأْسِهِ وَلِحْيَتِهِ قَبْلَ أَنْ يُحْرِمَ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I used to put perfume on the Messenger of Allah using the best perfume I could find, until I saw the perfume glistening on his head and in his beard, before he entered Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।