सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2700

नंबर 2700किताब 24, नंबर 82
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، وَهَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنْ أَبِي الأَحْوَصِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ هَنَّادٌ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا أَرَادَ أَنْ يُحْرِمَ ادَّهَنَ بِأَطْيَبِ مَا يَجِدُهُ حَتَّى أَرَى وَبِيصَهُ فِي رَأْسِهِ وَلِحْيَتِهِ ‏.‏ تَابَعَهُ إِسْرَائِيلُ عَلَى هَذَا الْكَلاَمِ وَقَالَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"When the Prophet and (in his narration) Hannad said: "The Messenger of Allah "wanted to enter Ihram, he would daub the best perfume that he could find, until I saw it glistening on his head and in his beard. (sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।