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सुनन नसाई

नंबर 2689

नंबर 2689किताब 24, नंबर 71
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قُلْتُ لِعَائِشَةَ بِأَىِّ شَىْءٍ طَيَّبْتِ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ بِأَطْيَبِ الطِّيبِ عِنْدَ حُرْمِهِ وَحِلِّهِ ‏.‏
Uthman bin 'Urwah narrated that his father said:"I said to 'Aishah: 'What kind of perfume did you put on the Messenger of Allah?' she said: 'The best kind of perfume, when he entered Ihram and when he exited Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।