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सुनन नसाई

नंबर 2660

नंबर 2660किताब 24, नंबर 42
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ سُوَيْدٍ، عَنْ زُهَيْرٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ وَهُوَ فِي الْمُعَرَّسِ بِذِي الْحُلَيْفَةِ أُتِيَ فَقِيلَ لَهُ إِنَّكَ بِبَطْحَاءَ مُبَارَكَةٍ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Umar that:when the Messenger of Allah was in Dhul-Hulaifah someone came to him and he was told: "You are in a blessed valley.''(sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।