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सुनन नसाई

नंबर 2626

नंबर 2626किताब 24, नंबर 8
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الْحَكَمِ، عَنْ شُعَيْبٍ، عَنِ اللَّيْثِ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنِ ابْنِ أَبِي هِلاَلٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ جِهَادُ الْكَبِيرِ وَالصَّغِيرِ وَالضَّعِيفِ وَالْمَرْأَةِ الْحَجُّ وَالْعُمْرَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of allah said:"Jihad of the elderly, the young, the weak, and women, is Hajj and 'Umarah."(Sahah)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।