सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2624

नंबर 2624किताब 24, नंबर 6
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ سَأَلَ رَجُلٌ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الأَعْمَالِ أَفْضَلُ قَالَ ‏"‏ الإِيمَانُ بِاللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ثُمَّ مَاذَا قَالَ ‏"‏ الْجِهَادُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ثُمَّ مَاذَا قَالَ ‏"‏ ثُمَّ الْحَجُّ الْمَبْرُورُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that abu Hurairah said:"A man asked the Prophet 'O Messenger of Allah, which deed is best?' He said: 'Jihad in the cause of Allah.' He said: 'Then what?' He said: 'then Hajj Al-Mabrir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।