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सुनन नसाई

नंबर 2543

नंबर 2543किताब 23, नंबर 109
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ سَمِعْتُ مُوسَى بْنَ طَلْحَةَ، أَنَّ حَكِيمَ بْنَ حِزَامٍ، حَدَّثَهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَفْضَلُ الصَّدَقَةِ مَا كَانَ عَنْ ظَهْرِ غِنًى وَالْيَدُ الْعُلْيَا خَيْرٌ مِنَ الْيَدِ السُّفْلَى وَابْدَأْ بِمَنْ تَعُولُ ‏"‏ ‏.‏
Hakim bin Hizam said:"The Messenger of Allah said: "The best kind of charity is that which is given when you are rich, and the upper hand is better than the lower hand, and start with those for whom you are responsible
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।