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सुनन नसाई

नंबर 2487

नंबर 2487किताब 23, नंबर 53
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، وَعُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوَاقٍ صَدَقَةٌ وَلاَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ ذَوْدٍ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa'eed Al_khudri that the Prophet said:"No sadaqah is due on less than five Awaq, no Sadaqah is due on less than five Dhawd, no Sadaqah is due on less than five Awsuq
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।