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सुनन नसाई

नंबर 2475

नंबर 2475किताब 23, नंबर 41
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ كَثِيرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي صَعْصَعَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ، وَعَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ صَدَقَةَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوْسَاقٍ مِنَ التَّمْرِ وَلاَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوَاقٍ مِنَ الْوَرِقِ صَدَقَةٌ وَلاَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ ذَوْدٍ مِنَ الإِبِلِ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa 'eed Al-Khudri that he heard the Messenger of Allah say:"No Sadaqah is due on less than five Awsaq[2] of dates, no Sadaqah is due on less than five Awaq of silver, and no Sadagah is due on less than five Dhawd (head) of camels
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।