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सुनन नसाई

नंबर 2431

नंबर 2431किताब 22, नंबर 342
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا حِبَّانُ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ سِيرِينَ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الْمَلِكِ بْنَ أَبِي الْمِنْهَالِ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَهُمْ بِصِيَامِ ثَلاَثَةِ أَيَّامِ الْبِيضِ قَالَ ‏ "‏ هِيَ صَوْمُ الشَّهْرِ ‏"‏ ‏.‏
Abdul-Malik bin Abi Al-Minhai narrated from his father that:the Prophet commanded them to fast the three days of Al-Bid. He said: "That is (equivalent to) fasting for the whole month
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।