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सुनन नसाई

नंबर 2430

नंबर 2430किताब 22, नंबर 341
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَنَسُ بْنُ سِيرِينَ، عَنْ رَجُلٍ، يُقَالُ لَهُ عَبْدُ الْمَلِكِ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَأْمُرُ بِهَذِهِ الأَيَّامِ الثَّلاَثِ الْبِيضِ وَيَقُولُ ‏ "‏ هُنَّ صِيَامُ الشَّهْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that a man called 'Abdul-Malik narrated from his father, that:the Messenger of Allah used to enjoin (fasting) these days of Al-Bid and he said: "That is (equivalent to) fasting for the whole month
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।