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सुनन नसाई

नंबर 2415

नंबर 2415किताब 22, नंबर 326
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا خَلَفُ بْنُ تَمِيمٍ، عَنْ زُهَيْرٍ، عَنِ الْحُرِّ بْنِ الصَّيَّاحِ، قَالَ سَمِعْتُ هُنَيْدَةَ الْخُزَاعِيَّ، قَالَ دَخَلْتُ عَلَى أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ سَمِعْتُهَا تَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ أَوَّلَ اثْنَيْنِ مِنَ الشَّهْرِ ثُمَّ الْخَمِيسَ ثُمَّ الْخَمِيسَ الَّذِي يَلِيهِ ‏.‏
Hunaidah Al-Khuza'i said:"I entered upon the Mother of the Believers and heard her say: 'The Messenger of Allah used to fast three days of each month: The first Monday of the month, then Thursday, then the following Thursday
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।