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सुनन नसाई

नंबर 2414

नंबर 2414किताब 22, नंबर 325
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُحَمَّدٍ الزَّعْفَرَانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنِ الْحُرِّ بْنِ صَيَّاحٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَصُومُ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ يَوْمَ الاِثْنَيْنِ مِنْ أَوَّلِ الشَّهْرِ وَالْخَمِيسَ الَّذِي يَلِيهِ ثُمَّ الْخَمِيسَ الَّذِي يَلِيهِ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that:the Messenger of Allah used to fast three days of each month: Monday at the beginning of the month, the following Thursday, then the Thursday after that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।