أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي وَعُقْبَةُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي عَطَاءٌ، قَالَ حَدَّثَنِي مَنْ، سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ، يَقُولُ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم " مَنْ صَامَ الأَبَدَ فَلاَ صَامَ " .
Ata said:"someone who heard him told me that Ibn 'Umar (said) that the Prophet said: 'Whoever fasts every day of his life, then he has not fasted
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।