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सुनन नसाई

नंबर 2374

नंबर 2374किताब 22, नंबर 285
حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ مُسَاوِرٍ، عَنِ الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَطَاءٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، ح وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي الْوَلِيدُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَطَاءٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَامَ الأَبَدَ فَلاَ صَامَ وَلاَ أَفْطَرَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Umar said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever fasts every day of is life, then he has neither fasted, nor broken the fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।