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सुनन नसाई

नंबर 2303

नंबर 2303किताब 22, नंबर 214
أَخْبَرَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَمْرٌو، وَذَكَرَ، آخَرَ عَنْ أَبِي الأَسْوَدِ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِي مُرَاوِحٍ، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّهُ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَجِدُ فِيَّ قُوَّةً عَلَى الصِّيَامِ فِي السَّفَرِ فَهَلْ عَلَىَّ جُنَاحٌ قَالَ ‏ "‏ هِيَ رُخْصَةٌ مِنَ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ فَمَنْ أَخَذَ بِهَا فَحَسَنٌ وَمَنْ أَحَبَّ أَنْ يَصُومَ فَلاَ جُنَاحَ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Hamzah bin 'Amr that he said to the Messenger of Allah:"I feel able to fast while traveling; is there any sin on me?" He said: "It is a concession from Allah, the mighty and sublime, so whoever accepts it has done well, and whoever wants to fast, there is no sin on him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।