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सुनन नसाई

नंबर 2302

नंबर 2302किताब 22, नंबर 213
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعْدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَمِّي، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي عِمْرَانُ بْنُ أَبِي أَنَسٍ، أَنَّ سُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ، حَدَّثَهُ أَنَّ أَبَا مُرَاوِحٍ حَدَّثَهُ أَنَّ حَمْزَةَ بْنَ عَمْرٍو حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَكَانَ رَجُلاً يَصُومُ فِي السَّفَرِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنْ شِئْتَ فَصُمْ وَإِنْ شِئْتَ فَأَفْطِرْ ‏"‏ ‏.‏
Hamzah bin 'Amr narrated that he asked the Messenger of Allah, and he wsa a man who used to fast while traveling. He said:"If you wish then fast, and if you wish then fast, and if you wish then do not fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।