أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، عَنْ جَرِيرٍ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ سَافَرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي رَمَضَانَ فَصَامَ حَتَّى بَلَغَ عُسْفَانَ ثُمَّ دَعَا بِإِنَاءٍ فَشَرِبَ نَهَارًا يَرَاهُ النَّاسُ ثُمَّ أَفْطَرَ .
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah traveled during Ramadan and fasted until he reached 'Usfan. Then he called for a vessel and drank during the day when the prople could see him, then he did not fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।