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सुनन नसाई

नंबर 2290

नंबर 2290किताब 22, नंबर 201
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى مَكَّةَ فَصَامَ حَتَّى أَتَى عُسْفَانَ فَدَعَا بِقَدَحٍ فَشَرِبَ - قَالَ شُعْبَةُ - فِي رَمَضَانَ فَكَانَ ابْنُ عَبَّاسٍ يَقُولُ مَنْ شَاءَ صَامَ وَمَنْ شَاءَ أَفْطَرَ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah went out to Makkah, and he fasted until he came to 'Usfan. Then he called for a cup and drank." (One of the narrators) Shubah said: "(That was) in Ramadan. Ibn 'Abbas used to say: 'Whoever wants to fast, may fast, and whoever wants to break may break his fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।