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सुनन नसाई

नंबर 2110

नंबर 2110किताब 22, नंबर 21
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ يَزِيدَ بْنِ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ، قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَطَاءٌ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يُخْبِرُنَا قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لاِمْرَأَةٍ مِنَ الأَنْصَارِ ‏ "‏ إِذَا كَانَ رَمَضَانُ فَاعْتَمِرِي فِيهِ فَإِنَّ عُمْرَةً فِيهِ تَعْدِلُ حَجَّةً ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas told us:"The Messenger of Allah said to a woman from among the Ansar: 'When it is Ramadan, perform 'Umrah then, for 'Umrah during it is equivalent to Hajj
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।