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सुनन नसाई

नंबर 2109

नंबर 2109किताब 22, नंबर 20
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا الْمُهَلَّبُ بْنُ أَبِي حَبِيبَةَ، ح وَأَنْبَأَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنِ الْمُهَلَّبِ بْنِ أَبِي حَبِيبَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي الْحَسَنُ، عَنْ أَبِي بَكْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَقُولَنَّ أَحَدُكُمْ صُمْتُ رَمَضَانَ وَلاَ قُمْتُهُ كُلَّهُ ‏"‏ ‏.‏ وَلاَ أَدْرِي كَرِهَ التَّزْكِيَةَ أَوْ قَالَ لاَ بُدَّ مِنْ غَفْلَةٍ وَرَقْدَةٍ اللَّفْظُ لِعُبَيْدِ اللَّهِ ‏.‏
It was narrated from abu Bakrah that the Prophet said; 'None of you should say:'I fasted Ramadan' or 'I prayed Qiyam throughout the whole month."' I do not know whether he dislike self-praise or he said: "Inevitably there will be heedlessness and sleep." (Da 'if)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।