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सुनन नसाई

नंबर 2058

नंबर 2058किताब 21, नंबर 241
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم سَمِعَ صَوْتًا مِنْ قَبْرٍ فَقَالَ ‏"‏ مَتَى مَاتَ هَذَا ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا مَاتَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ ‏.‏ فَسُرَّ بِذَلِكَ وَقَالَ ‏"‏ لَوْلاَ أَنْ لاَ تَدَافَنُوا لَدَعَوْتُ اللَّهَ أَنْ يُسْمِعَكُمْ عَذَابَ الْقَبْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet heard a sound from a grave and said:"When died this man die?" They said: "he died during the Jahiliyyah." So he was delighted and said: "Were it not that you would not bury one another, I would have prayed to Allah to make you hear the torment of the grave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।