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सुनन नसाई

नंबर 2007

नंबर 2007किताब 21, नंबर 190
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَعْدٍ، قَالَ ‏:‏ الْحَدُوا لِي لَحْدًا، وَانْصِبُوا عَلَىَّ نَصْبًا كَمَا فُعِلَ بِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that Sa'd said:"Make a niche for me in the side of the grave and set up (bricks) over me as was done for the Messenger of Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।