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सुनन नसाई

नंबर 2006

नंबर 2006किताब 21, नंबर 189
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ نَاجِيَةَ بْنِ كَعْبٍ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ قُلْتُ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم، إِنَّ عَمَّكَ الشَّيْخَ الضَّالَّ مَاتَ، فَمَنْ يُوَارِيهِ قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ اذْهَبْ فَوَارِ أَبَاكَ وَلاَ تُحْدِثَنَّ حَدَثًا حَتَّى تَأْتِيَنِي ‏"‏ ‏.‏ فَوَارَيْتُهُ ثُمَّ جِئْتُ فَأَمَرَنِي فَاغْتَسَلْتُ وَدَعَا لِي، وَذَكَرَ دُعَاءً لَمْ أَحْفَظْهُ ‏.‏
It was narrated that 'Ali said:"I said to the Prophet: 'Your paternal uncle, the old misguided man has died. Who will bury him?' He said: 'Go and bury your father, then do not do anything until you come to me.' So I buried him then I came, and he told me to perform Ghusl and he prayed for me, and he mentioned a supplication that I do not remember
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।