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सुनन नसाई

नंबर 2001

नंबर 2001किताब 21, नंबर 184
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الأَحْمَرُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ قَيْسٍ، عَنِ الْمِنْهَالِ بْنِ عَمْرٍو، عَنْ زَاذَانَ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ ‏:‏ خَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي جَنَازَةٍ، فَلَمَّا انْتَهَيْنَا إِلَى الْقَبْرِ وَلَمْ يُلْحَدْ، فَجَلَسَ وَجَلَسْنَا حَوْلَهُ كَأَنَّ عَلَى رُءُوسِنَا الطَّيْرَ ‏.‏
It was narrated that Al-Bark' said:"We went out with the Messenger of Allah for a funeral, and when we reached the grave the Lahd had not yet been prepared. He sat, and we sat around him, as if there were birds on our heads
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।